Tuesday, 8 August 2017

टमाटर 

टमाटर 100 रूपए किलो का हो गया हैं,
कोई तो कुछ करो,
सरकार को सूचित करो!

कोहराम मचाओ,
धरना दो!

पर कही कोई हल्ला नहीं है,
या सब यहाँ अमीर हो गए है??
गरीब रोटी से सूखी सब्ज़ी खा रहा है,और करे भी क्या??
ईंटों को पीसके ग्रेवी बना ले क्या??
वहां उगाने वाला रो रहा है,
यहाँ खाने वाला भी रो रहा है,
बस बीच का दलाल खुश हो रहा है!

क्या यही विकास है ?
या इसमें भी सरकार की कोई नीति है,
सूखी रोटी खाओ, खुद को मोटापे से बचाओ!!

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