Sunday, 9 July 2017

पसीना कभी अपना पसीना चखके तो देखो, कभी परिस्तिथियों से लड़के तो देखो ? कभी किस्मत की मार खाओ, इश्क़ में सब कुछ गवाओ, कभी आंसुओं में डूबके तो देखो! ज़िन्दगी, एक संघर्ष हो, कभी जंग से गुज़ारके तो देखो! लहू को बहाके, दिल को तुड़ाके, बाहें फैराके , मन को मारके, नशे में डूबके, कभी खुद को आज़माके तो देखो!

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